Suzlon : SEPC लिमिटेड ने अपने कारोबार में जबरदस्त उछाल हासिल कर लिया है, जो इसके मजबूत ऑर्डर बुक और वित्तीय नतीजों से साफ झलक रहा है। कंपनी का एकीकृत ऑर्डर बुक 31 दिसंबर 2025 तक 10,455 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो बाजार में उसकी बढ़ती साख और बड़े प्रोजेक्ट्स की ओर रुख को दर्शाता है।

Penny Stock SEPC की ऑर्डर बुक
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में ही 5,954 करोड़ रुपये के बड़े ऑर्डर हासिल किए, जिसने उसके विकास को नई गति दी है। स्टैंडअलोन आधार पर ऑर्डर बुक मार्च 2025 के 4,501 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,255 करोड़ रुपये हो गई, जो कंपनी की बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट्स पर फोकस को दिखाती है। खनन और निर्माण क्षेत्र इस पोर्टफोलियो का मुख्य आधार बने हुए हैं, जो कुल का लगभग 77 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं—खनन में 2,991 करोड़ रुपये और निर्माण में 2,609 करोड़ रुपये। ये क्षेत्र संसाधन आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कंपनी की विशेषज्ञता को मजबूत करते हैं, जबकि पानी, बिजली और तेल-गैस जैसे छोटे सेगमेंट आय के अतिरिक्त स्रोत प्रदान करते हैं।
कंपनी की अन्य जानकारी
SEPC ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में संतुलन बनाए रखा है, जिसमें एकीकृत ऑर्डर बुक का 48 प्रतिशत यानी 5,055 करोड़ रुपये भारत के प्रोजेक्ट्स से आ रहा है। यह भारत के चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर चक्र और सार्वजनिक क्षेत्र के निवेश के साथ तालमेल बिठाता है, जो कंपनी को सरकारी एजेंसियों के ठेकों में मजबूत स्थिति देता है। बाकी 52 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से है, जिसमें SEPC और इसकी सहायक कंपनी SEPC FZE की भूमिका अहम है। इससे क्षेत्रीय जोखिम कम होते हैं और वैश्विक बाजारों में कंपनी की क्षमता बढ़ती है, खासकर बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में। बोली लगाने की गति रिकॉर्ड स्तर पर है, जो आने वाले वर्षों में और ऑर्डर सुनिश्चित करती है।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 2026 में SEPC ने शानदार नतीजे दिए, जिसमें नौ महीनों के एकीकृत राजस्व 796.89 करोड़ रुपये, EBITDA 83.60 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 39.81 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले पूरे वित्त वर्ष 2025 के राजस्व 597.7 करोड़ रुपये, EBITDA 98.9 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 24.8 करोड़ रुपये को पीछे छोड़ गया। अनुशासित प्रोजेक्ट चयन और बेहतर परिचालन क्षमता से बैलेंस शीट मजबूत हुई है, जो लगातार आय में बदलने में मदद करेगी। SEPC लिमिटेड, जो पहले श्रीराम EPC लिमिटेड थी, पानी-सीवरेज, सड़कें, औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और खनन जैसे क्षेत्रों में टर्नकी समाधान देती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए
कंपनी का मार्केट कैप 1,300 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें घरेलू संस्थागत निवेशकों का 14.55 प्रतिशत हिस्सा है—मुख्य रूप से पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, साउथ इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया। शेयर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर 7.69 रुपये से 8.60 प्रतिशत ऊपर है और पांच वर्षों में 100 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है। यह विकास पाइपलाइन और वैश्विक कैपेक्स चक्र से कंपनी को फायदा मिलेगा, लेकिन बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखना जरूरी है। SEPC का यह सफर इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में उसकी मजबूत स्थिति को रेखांकित करता है।
Disclaimer : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसमें निवेश संबंधी कोई सलाह नहीं दी जा रही है। शेयर बाजार में जोखिम होता है, निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।