75₹ से लुड़कर 66₹ पर आया Banking Sector का शेयर, इस खबर के बाद निवेशकों में बड़ी चिंता

Banking Sector : हाल ही में निजी क्षेत्र के बड़े बैंक IDFC First Bank से जुड़ा 590 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार में जोरदार हलचल देखने को मिली है। इस खबर के सार्वजनिक होते ही निवेशकों में चिंता बढ़ गई और बैंक के शेयरों पर जबरदस्त दबाव बन गया। बाजार खुलते ही गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ और कुछ ही घंटों में शेयर की कीमत करीब 20 प्रतिशत तक टूट गई, जिससे बैंक की साख और निवेशकों का भरोसा दोनों प्रभावित हुए हैं।

75₹ से लुड़कर 66₹ पर आया Banking Sector का शेयर, इस खबर के बाद निवेशकों में बड़ी चिंता
75₹ से लुड़कर 66₹ पर आया Banking Sector का शेयर, इस खबर के बाद निवेशकों में बड़ी चिंता

शेयर में तेज गिरावट

सप्ताह की शुरुआत में ही बैंक के शेयरों ने कमजोर संकेत दिए। बीएसई पर यह शेयर लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.21 रुपये पर खुला, जो पहले से ही दबाव का संकेत था। हालांकि गिरावट यहीं नहीं रुकी और कुछ समय के भीतर ही कीमत 20 प्रतिशत तक फिसलकर करीब 66.85 रुपये तक पहुंच गई। इतनी बड़ी गिरावट ने छोटे और मध्यम निवेशकों को खास तौर पर परेशान कर दिया, क्योंकि कम समय में पूंजी का बड़ा हिस्सा घट गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी किसी बैंक से जुड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आता है, तो उसका सीधा असर शेयर की कीमत पर दिखता है।

क्या है पूरा मामला

बैंक ने खुद जानकारी दी कि हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी कुछ लेनदेन में गंभीर अनियमितता पाई गई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि चंडीगढ़ की एक शाखा में कुछ कर्मचारियों ने बिना अनुमति संदिग्ध गतिविधियां कीं, जिनमें अन्य लोग या इकाइयां भी शामिल हो सकती हैं। फिलहाल इस पूरी गड़बड़ी की अनुमानित राशि 590 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बैंक प्रबंधन ने कहा है कि मामले की सूचना बैंकिंग नियामक संस्थाओं को दे दी गई है और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।

हरियाणा सरकार का फैसला

इस मामले के उजागर होने के बाद हरियाणा सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं। सरकार ने बैंक के साथ अपने सभी सरकारी लेनदेन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी सरकारी फंड इस बैंक में जमा नहीं किया जाएगा, न ही किसी तरह का निवेश या अन्य वित्तीय लेनदेन किया जाएगा। यह कदम साफ तौर पर दर्शाता है कि सरकार वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती।

IDFC First Bank Share का पिछले प्रदर्शन

अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते एक साल में बैंक के शेयरों में करीब 24 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी, जबकि तीन साल की अवधि में निवेशकों को लगभग 39 प्रतिशत का रिटर्न मिला था। वर्ष 2025 में बैंक ने प्रति शेयर 0.25 रुपये का डिविडेंड भी दिया था। हालांकि मौजूदा घटनाक्रम ने इन सकारात्मक आंकड़ों पर अस्थायी रूप से विराम लगा दिया है और अब बाजार की नजर आगे की जांच और बैंक की कार्यवाही पर टिकी हुई है।

Disclaimer : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

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