₹1136 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिलते ही इस Navratna Railway PSU Stock में आई रॉकेट की तेज़ी

Navratna Railway PSU Stock RailTel Corporation of India के शेयर बाजार में आज उल्लेखनीय उछाल के साथ नजर आए, जब कंपनी को महाराष्ट्र सरकार से एक बड़ा ऑर्डर हासिल हुआ। इस खबर ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शेयरों की कीमतों में तेजी का दौर शुरू हो गया। आइए जानते हैं इस विकास की पूरी कहानी और कंपनी के प्रदर्शन पर इसका असर।

Navratna Railway PSU Stock
Navratna Railway PSU Stock

वर्क ऑर्डर की जानकारी

महाराष्ट्र सरकार ने RailTel को 1136.18 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण वर्क ऑर्डर प्रदान किया है, जो अगले पांच वर्षों तक चलेगा। यह ऑर्डर अशोका बिल्डकॉन के कंसोर्टियम के माध्यम से हासिल हुआ है, जिससे कंपनी की आय में स्थिर वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। इस तरह के सरकारी प्रोजेक्ट कंपनी के लिए लंबी अवधि की मजबूती प्रदान करते हैं, क्योंकि ये इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में उसके विशेषज्ञता को रेखांकित करते हैं।

RailTel का शेयर प्रदर्शन

बीएसई पर रेलटेल के शेयर 335 रुपये के स्तर पर खुलने के बाद जल्द ही 4 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हासिल कर 337.80 रुपये तक पहुंच गए। हालांकि, थोड़ी देर बाद इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान बना रहा। यह तेजी ऑर्डर की खबर से उपजी उत्साह का परिणाम है, जो निवेशकों को कंपनी की भविष्य की संभावनाओं पर विश्वास दिला रही है। मार्केट कैपिटलाइजेशन अब 10,547 करोड़ रुपये के आसपास स्थिर है।

लंबी अवधि का प्रदर्शन

इस साल की शुरुआत से रेलटेल के शेयरों में 11.38 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि पिछले छह महीनों में 7.33 प्रतिशत और दो वर्षों में 19.59 प्रतिशत की कमी देखी गई। इसके विपरीत, तीन वर्षों में शेयर मूल्य 199 प्रतिशत चढ़ चुके हैं, जो कंपनी की मजबूत वृद्धि क्षमता को दर्शाता है। 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 478.80 रुपये और न्यूनतम 265.30 रुपये रहा है। सेंसेक्स के एक साल के 10.65 प्रतिशत रिटर्न की तुलना में कंपनी का प्रदर्शन थोड़ा पीछे है, लेकिन नया ऑर्डर इसे बदल सकता है।

वित्तीय स्थिति और डिविडेंड

कंपनी की डिविडेंड नीति निवेशकों के लिए आकर्षक रही है, खासकर 2025 में जब तीन बार डिविडेंड घोषित किया गया। नवीनतम एक्स-डिविडेंड ट्रेडिंग 4 नवंबर 2025 को हुई, जिसमें प्रति शेयर 1 रुपये का लाभ योग्य निवेशकों को मिला। दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत घटकर 62.40 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 65.10 करोड़ रुपये से कम है। फिर भी, राजस्व में 19 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह 913 करोड़ रुपये तक पहुंचा। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी राजस्व वृद्धि पर फोकस कर रही है, भले ही लाभ मार्जिन पर दबाव हो।

निवेशकों के लिए संकेत

यह नया ऑर्डर रेलटेल की स्थिति को मजबूत बनाता है, क्योंकि सरकारी क्षेत्र में उसके ऑप्टिकल फाइबर और टेलीकॉम नेटवर्क की मांग बढ़ रही है। लंबे समय में इससे राजस्व स्थिरता मिलेगी और शेयर मूल्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, बाजार की उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए निवेश निर्णय सावधानी से लें। कंपनी का भविष्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर निर्भर करेगा, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। कुल मिलाकर, यह विकास स्टॉक के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

Disclaimer : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें और स्वयं शोध करें। बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।

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