90% से ज्यादा टूटा Power Sector का यह स्टॉक, 274₹ से गिरकर 25₹ पर पहुंचा शेयर का भाव

Power Sector के शेयर Reliance Power में पिछले कुछ महीनों से लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। कभी ऊंचे स्तर पर कारोबार करने वाला यह शेयर अब अपने पुराने रिकॉर्ड से काफी नीचे आ चुका है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी का शेयर 23 फरवरी 2026 को गिरकर 25.55 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका नया निचला स्तर माना जा रहा है। मई 2008 में यही शेयर 274.81 रुपये तक गया था, और उस स्तर से अब तक इसमें 90 percent से ज्यादा की गिरावट दर्ज हो चुकी है।

Reliance Power Share

पिछले 6 महीनों में शेयर की कीमत करीब 44 percent टूट चुकी है, जबकि केवल 3 महीनों में इसमें लगभग 33 percent की गिरावट आई है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक यह शेयर 25 percent से ज्यादा कमजोर हो चुका है। 52 हफ्तों के दौरान इसका उच्च स्तर 76.49 रुपये रहा, लेकिन मौजूदा भाव उससे काफी नीचे है। कंपनी का कुल मार्केट कैप 23 फरवरी 2026 को घटकर 10,715 करोड़ रुपये से नीचे आ गया, जो निवेशकों के भरोसे में आई कमी को दिखाता है।

लंबी अवधि का प्रदर्शन

हालांकि हाल की गिरावट ने निवेशकों को झटका दिया है, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है। पिछले 5 साल में कंपनी के शेयर में करीब 510 percent की तेजी देखी गई थी। यह शेयर 4.25 रुपये के स्तर से बढ़कर 25.55 रुपये तक पहुंचा, जिससे लंबे समय तक टिके रहने वाले निवेशकों को फायदा मिला। इससे पहले कंपनी ने मई 2008 में 3:5 के अनुपात में बोनस शेयर भी जारी किए थे, यानी हर 5 शेयर पर 3 अतिरिक्त शेयर दिए गए थे।

शेयरहोल्डिंग पैटर्न

सितंबर 2025 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 24.98 percent है, जबकि 75.02 percent हिस्सेदारी आम निवेशकों और संस्थानों के पास है। इस तरह पब्लिक शेयरहोल्डिंग ज्यादा होने से बाजार की हलचल का असर शेयर पर जल्दी दिखाई देता है। निवेशकों की धारणा और बाजार की खबरें इस तरह के शेयरों में तेजी से बदलाव ला सकती हैं।

तिमाही नतीजे और मुनाफा

चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 40 percent की गिरावट दर्ज की गई। इस अवधि में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 25 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42 करोड़ रुपये था। हालांकि राजस्व में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह 1 percent बढ़कर 1,873 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल 1,853 करोड़ रुपये था। अच्छी बात यह रही कि कुल खर्च 12 percent घटकर 1,849 करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 2,109 करोड़ रुपये था।

कुल मिलाकर कंपनी के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ लंबी अवधि में तेज उछाल का इतिहास है, तो दूसरी तरफ हालिया गिरावट और मुनाफे में कमी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन और बाजार की दिशा तय करेगी कि शेयर में स्थिरता लौटती है या नहीं।

Disclaimer : यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।

Leave a Comment

WhatsApp Icon